भारत में गर्भपात 24 हफ्तों की गर्भावस्था तक कानूनी है।
भारत में गर्भपात 24 हफ्तों की गर्भावस्था तक कानूनी है।
मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (संशोधन) अधिनियम, 2021 के अनुसार [1], 20 हफ्तों तक की गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए एक पंजीकृत डॉक्टर की अनुमति चाहिए, जबकि 20 से 24 हफ्तों के बीच गर्भपात करने के लिए दो पंजीकृत डॉक्टरों की मंज़ूरी ज़रूरी होती है, जो यह देख सकें कि:
- गर्भावस्था महिला के जीवन के लिए खतरा बन सकती है या उसकी शारीरिक या मानसिक सेहत को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है।
- बलात्कार के मामले में या विवाहित महिला में गर्भनिरोधक विफलता के मामले में , जिसे उसकी मानसिक सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है।
* गर्भ में पल रहे बच्चे में गंभीर शारीरिक या मानसिक विकृति होने की संभावना बहुत अधिक हो।